जहाँ जिकरे हबीब होता है
खुद ख़ुदा भी क़रीब होता है

उसकी चौखट से मांगने वाला
कौन कहता ग़रीब होता है

जिसे चाहा उसे नवाज दिया
अपना अपना नसीब होता है

उसको हसरत से देखने वालों
दिल से माँगो तो पूरा होता है

उसका वायदा वो लेने आएगा
जो वचन से तैयार होता है