इक ताज बना के परस्तिश का
तेरे सर पे सजाते हैं
नई नाग़मे भी नई ग़ज़लें भी
तेरे चरणों में लाते हैं

  1. तेरे नक़्श ओ क़दम पे शम्स ओ क़मर ( हाल्लेलुयाह हाल्लेलुयाह हाल्लेलुयाह )
    तेरी राह गुज़ार यह शाम ओ सहर
    हम खुशिओं के नई फूलों से
    तेरी राहें सजाते हैं
  2. सब ताज येसु तेरे क़दमों तले ( हाल्लेलुयाह हाल्लेलुयाह हाल्लेलुयाह )
    सारी दुनिया मैं तेरा ही दीप जले
    हम नगर नगर में
    आशाओं के दीप जलातें हैं..
  3. तुझ से आबाद दिल के घराने हुए ( हाल्लेलुयाह हाल्लेलुयाह हाल्लेलुयाह )
    तेरे वायदों से रौशन ज़माने हुए
    हम चाहतों के नए
    जज़्बों से तुझे प्यार दिखाते हैं ..

Lyrics composition : Rev.Dr. Hizkiel Sarosh