जब तू जुम्बिश करे ,हम पे छाया रहे
रूह-ए-पाक हम परस्तीश , यूँ करते रहें
हाल्लेलुयाह….
तेरी मीठी जुबां ,ये बेगाना जुबां
जो मैं कह न सकूं ,वो तू करता बयान
हाल्लेलुयाह….
यीशु मेरा खुदा जो सदा बा वफा
मुझको नाज़ल किया ,बना तू रहनुमा
हाल्लेलुयाह….
तू बनाता रहे , तू सिखाता रहे
दें जलाल हम यीशु को मस्सा से तेरे
हाल्लेलुयाह….
मुझको राहत मिले, मुझको चाहत मिले
रूह की संगत में अब तो नये सिलसिले
हाल्लेलुयाह….